ad

Your Ad Here

Sunday, May 10, 2009

अमेरिकी कर प्रस्ताव चिंता का कारण नहीं











ay 10, 05:31 pm

नई दिल्ली। आउटसोर्सिंग कारोबार में लगीं भारतीय कंपनियों को अमेरिका के प्रस्तावित कर प्रावधान से ज्यादा चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर प्रस्ताव का भारतीय कंपनियों पर खास असर पड़ने की संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर ओबामा प्रशासन कर प्रस्ताव को लागू करता है तो अन्य देशों से कारोबार की आउटसोर्सिंग करने वाली अमेरिकी कंपनियों की कर देयता में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन यह बढ़ा हुआ बोझ उन कंपनियों को ज्यादा परेशान करेगा जो भारत में स्थित अपनी अनुषंगियों द्वारा कारोबार कराती हैं।

अन्‌र्स्ट एंड यंग के कर निदेशक राजेन्द्र नायक ने कहा, 'जो कंपनियां तीसरे पक्ष से कारोबार आउटसोर्स करती हैं, उनका कारोबार प्रभावित नहीं होगा, लेकिन जिन कंपनियों का भारत में स्थाई उद्यम है या वे अपना कारोबार भारत स्थित अनुषंगियों से कराती हैं उन्हें ज्यादा नुकसान होगा।'

नायक ने कहा कि ओबामा की प्रस्तावित कर पहल के कई पहलू हैं जिन्हें व्यक्तिगत तौर पर कंपनियों को देखना पड़ेगा।


0 comments:

Post a Comment

free counters